Thursday, January 3, 2013

जो तलाशना चाहा


दामिनी को समर्पित ।।

हालिया दिनों में जो भारतीय लड़कियों के आत्मविश्वास को झंझोर कर रख देने वाली अमानवीय घटनाएँ सामने आई हैं उसके लिए हम किसे दोषी ठहराएँ । इस समाज को ,कानून व्यस्था को या फिर कुछ मानसिक विकृत पुरुषो की सड़ी-गली घिनौनी मानसिकता को ।क्या दो लोगो के बीच होती जा रही प्रेम की कमी भी जिम्मेदार है इस घटना के लिए ? अगर हाँ तो ये निकट भविष्य की बड़ी विपदा की ओर संकेत कर रही है ।इक लड़की तो बस प्रेम देखना चाहती है किसी के भी आँखों में ,हवस नहीं ।भगवान सबकी रक्षा करें ।

जिसे मैंने तुम्हारे आँखों
मन  और हाव- भाव में
तलाशना चाहा
तुम उसे मेरी
जिस्म की परतो में
अनुभव करते गये।
तुम्हारा अस्तित्व
एक संवेदना का
सोचा बनकर रहा ,
तुम निस्पृह ,निर्द्वंद
भाव से परे रहकर
पार चले गये ।।

                    :- अरुणेश नारायण

Tuesday, December 25, 2012


जन्मदिवस की शुभकामना दे रहा हूँ उस जननायक को ।
कर्मनिष्ठ ,कर्त्यापारायण , जनगण के सुखदायक ।।

सरहद पर नापाक इरादों ने की है गोलीबारी ।
कारगिल ही बतलाया है ,क्या हैं अटल बिहारी ।।

राजनीती में कौन दूसरा इतना पाक रहा है ।
बड़े-बड़े सूरमाओं के दमन में दाग रहा है ।।

निष्कलंक ,निष्काम,कर्मरत,आजीवन ब्रहमचारी।
कारगिल ही बतलाया है ,क्या है अटल बिहारी ।।

                                                                         जय जवान ,जय किसान कह के मन बढाया ।
                                                                         जय विज्ञानं को जोड़ कर तुमने द्विगुणित कर दिखलाया ।।

                                                                         एक हाथ में कमल ,एक हाथ में चिंगारी ।
                                                                         कारगिल ही बतलाया है क्या है अटलबिहारी ।।